गर्भावस्था
हम आमतौर पर गर्भवती महिलाओं और उनकी ज़रूरतों पर बहुत ध्यान देते हैं, लेकिन जैसे ही बच्चा जन्म लेता है, सारा ध्यान नवजात की ओर केंद्रित हो जाता है। माँ अपनी सारी ऊर्जा अपने नए बच्चे को देती हैं और कई बार अपनी ज़रूरतों को नज़रअंदाज़ कर देती हैं। एक नई माँ को अपने जीवन और शरीर में भारी शारीरिक व मानसिक परिवर्तन महसूस होते हैं। उसे दोबारा संतुलन पाने के लिए दोस्तों और परिवार से सहयोग की आवश्यकता होती है।
गर्भावस्था
अपने मासिक धर्म चक्र को समझना और नियंत्रित करना आपकी जीवन गुणवत्ता पर गहरा प्रभाव डालता है, साथ ही आपको यह तय करने के उपकरण देता है कि आप कब और अगर गर्भवती होना चाहती हैं। गर्भनिरोधक विधियां महिलाओं को स्वतंत्रता और अपने जीवन पर स्वायत्तता देती हैं।
गर्भावस्था
मानव शरीर को प्रजनन के लिए ही तैयार किया गया है ताकि विलुप्ति को रोका जा सके। महिलाओं के शरीर में एक विशेष अलर्ट सिस्टम होता है, जिसे “बायोलॉजिकल क्लॉक” कहा जाता है, जो दिमाग में काफी उथल-पुथल मचा सकती है।