यौन
मानव इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) एक संक्रामक जीवाणु है, जो इलाज न होने की स्थिति में अधिग्रहीत इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम (एड्स) उत्पन्न करता है, एक ऐसी स्थिति जिसमें शरीर की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है और यह बीमारियों के प्रति संवेदनशील हो जाता है।
गर्भावस्था
प्राकृतिक दर्द निवारण, सक्रिय प्रसव की छोटी अवधि और अधिक संतोषजनक जन्म अनुभव जैसी विशेषताएँ इस लोकप्रिय अभ्यास से जुड़ी हैं। लेकिन जल प्रसव में वास्तव में होता क्या है? क्या यह आपके प्रसव सफर के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है?
गर्भावस्था
मानव शरीर को प्रजनन के लिए ही तैयार किया गया है ताकि विलुप्ति को रोका जा सके। महिलाओं के शरीर में एक विशेष अलर्ट सिस्टम होता है, जिसे “बायोलॉजिकल क्लॉक” कहा जाता है, जो दिमाग में काफी उथल-पुथल मचा सकती है।